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लक्ष्मण सिंह त्यागी ‘रीतेश’

लेखक का जन्म 25 अगस्त 1986 को राजस्थान के बदरिका, धौलपुर में हुआ। उनके पिता श्री रमेश चंद त्यागी (श्री दीनानाथ जी) तथा माता श्रीमती इन्द्रा त्यागी हैं। उन्होंने एम. ए. (हिंदी) एवं एम. एड. की शिक्षा प्राप्त की है। उनकी एकल प्रकाशित कृतियों में सिसकती रातें, जिंदगी के मायने, आईने में तुम, गर्दिशों में हम, छंद विधान तथा विरासत शामिल हैं, जबकि साझा संग्रहों में आल्हाद, दो अक्टूबर, जन्मदात्री माँ, स्वदेश प्रेम, अनामिका, अनुभूति, पलाश, मेरा गांव, क्षितिज के पार, काव्य शतक, नवसृजन, बेटियाँ, नया भारत और बिंदिया प्रमुख हैं।

उन्होंने पंचरतन, कहानियाँ, इन्द्रधनुष, जिद जीत की, दो टूक जिंदगी, उत्तर आधुनिक काव्य, उड़ान, भारत@75, मेरी नज़र से, पानी कम है, दीप जलता रहे, मेरा भारत महान तथा मेरे पिता जैसी कृतियों का संपादन किया है तथा उड़ान नामक छमाही साहित्यिक पत्रिका के संपादक भी हैं। वे कविता, लघुकथा, कहानी, आलेख, निबंध, यात्रा वृत्तांत एवं पत्र साहित्य सहित विभिन्न विधाओं में लेखन करते हैं और विभिन्न राष्ट्रीय पत्रिकाओं में उनकी लगभग दो सौ रचनाएँ प्रकाशित हो चुकी हैं।

लक्ष्मण सिंह लेखन के साथ-साथ कवि गोष्ठियों में काव्य पाठ के माध्यम से सक्रिय सहभागिता निभाते हैं। वर्तमान में वे शासकीय हाई स्कूल धरसोला, मुरैना (मध्य प्रदेश) में अध्यापन कार्य करते हुए स्वतंत्र लेखन में संलग्न हैं।

लक्ष्मण सिंह त्यागी ‘रीतेश’ की प्रतिनिधि रचनाएं

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